- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती की प्रक्रिया: रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे महाकाल, भोर में उमड़ा आस्था सागर!
- चैत्र मास की पहली जत्रा शुरू, चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
- चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
- भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
- महाकाल दरबार में तड़के भस्म आरती: राजा स्वरूप में सजे बाबा, श्रद्धालुओं ने किए अलौकिक दर्शन!
महाकाल के आंगन में शिवनवरात्रि की भव्य तैयारी, 10 दिनों तक उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए खास इंतजाम!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के महाकाल मंदिर में 17 फरवरी से शिवनवरात्रि पर्व की शुरुआत होने जा रही है, जिसके तहत 10 दिनों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में दो बड़े बदलाव किए हैं, ताकि हर श्रद्धालु को सुलभ और व्यवस्थित तरीके से महाकाल के दर्शन हो सकें।
- हर प्रवेश द्वार पर संकेतक होंगे
श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, प्रवेश द्वारों पर स्पष्ट संकेतक लगाए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को अपने मार्ग का अंदाजा आसानी से हो सकेगा और भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
2.पूरी क्षमता से उपयोग होगी टनल व्यवस्था
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर फेसिलिटी सेंटर-1 से निर्गम रैंप, गणेश मंडपम् और नवीन टनल—दोनों ओर से दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। यह बदलाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जो लंबी कतारों में घंटों तक खड़े नहीं रह सकते।
वीवीआईपी, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
मंदिर प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि वीवीआईपी, बुजुर्ग और दिव्यांग भक्तों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उनके लिए अलग से प्रवेश और निकास व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के महाकाल के दर्शन कर सकें।